Bollinger bands इंडिकेटर का इस्तेमाल कैसे करे? Bollinger Bands Indicator in Hindi

आज के इस पोस्ट में हमलोग जानेंगे कि Bollinger Bands Indicator क्या है? (Bollinger Bands Indicator in Hindi) और कैसे हम इस इंडिकेटर का इस्तेमाल किसी भी स्टॉक के चार्ट में करके ट्रेड कर सकते है और मुनाफा कमा सकते है|

दोस्तों, हम सब जब भी शेयर मार्किट में ट्रेड करते है तो हम सबका लक्ष्य मुनाफा कामना ही होता है लेकिन ऐसा देखा गया है कि महज़ कुछ ही व्यक्ति शेयर मार्किट से पैसा कामा पाते है और ज्यादा व्यक्ति को नुक्सान ही होता है| इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि हम जल्द-से-जल्द शेयर मार्किट से पैसा कमाना चाहते है| बिना सीखे शेयर मार्किट से कभी भी कोई भी व्यक्ति पैसा नहीं कमा सकता है| शेयर मार्किट में पैसा कमाने के लिए आपको स्टॉक के चार्ट को समझान पड़ेगा|

वैसे तो टेक्निकल एनालिसिस करने के लिए बहुत सारे इंडिकेटर है जैसे MACD आदि MACD के बारे में हमने विस्तार से चर्चा किया है, MACD क्या है? यह जानने के लिए इस पोस्ट को अवश्य पढ़े|

Bollinger Bands Indicator in Hindi

यह के बहुत ही लोकप्रिय टेक्निकल एनालिसिस करने वाली इंडिकेटर है, जिसका उपयोग प्राय इंट्राडे ट्रेडर करते है, लेकिन इस इंडिकेटर का इस्तेमाल आप शोर्ट टर्म ट्रेडिंग के लिए भी कर सकते है| यह इंडिकेटर में मुख्य तौर पर 2 बैंड्स होते है एक ऊपर की तरफ और एक निचे की तरफ| ऊपर वाले बैंड्स को Resistance कहा जाता है वहीं निचे वाले बैंड्स को सपोर्ट कहा जाता है|

अगर किसी स्टॉक का मुख्या ऊपर वाले बैंड्स के पास हो तो उसका मतलब यह है कि स्टॉक अपने resistance के पास है, अब वहां से हमने थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है| वहीं अगर स्टॉक का मूल्य निचे वाले बैंड्स के पास है तो इसका मतलब यह है कि अभी वह स्टॉक सपोर्ट के पास है, और हम ऐसी स्थिति में खरीदारी कर सकते है|

आइये जानते है, Bollinger bands इंडिकेटर की मदद से ट्रेड करके मुनाफा कैसे कमा सकते है|

Bollinger bands इंडिकेटर का इस्तेमाल करके ट्रेड कैसे करे?

इस इंडिकेटर का इस्तेमाल करके ट्रेड कैसे करे, यह जानने के लिए हमलोग एक फोटो का सहारा लेंगे, ताकि आप आसानी से समझ सके|

Bollinger Bands Indicator in Hindi

इस इंडिकेटर को आसानी से समझने के लिए हमने HDFCLIFE के स्टॉक के टेक्निकल चार्ट में Bollinger bands इंडिकेटर को लगाया है| यहाँ आपको दिखेगा कि इस इंडिकेटर को लगाने के बाद इस स्टॉक का मूल्य एक रेंज में बढ़ और घट रहा है|

इस इंडिकेटर के ऊपर वाली लाइन को Upper Band बोला जाता है| जो resistance का सूचक है| वहीं निचे वाली लाइन को Lower Band बोला जाता है जो सपोर्ट का सूचक है| और बीच वाली रेखा Moving Average की है|

अगर आप इस इंडिकेटर का इस्तेमाल करके ट्रेड करना चाहते है तो आप किसी भी स्टॉक को तब ही ख़रीदे जब स्टॉक का मूल्य Lower Band के आस-पास और और बेचे तब जब स्टॉक का मूल्य Upper Band के आसपास हो|

Bollinger bands इंडिकेटर का मदद से ट्रेड करना बहुत ही सरल है, लेकिन कभी भी कोई इंडिकेटर 100 प्रतिशत सही नहीं होता है, इसीलिए Stoploss के साथ ही ट्रेड करे, और अभ्यास के दौरान कम Quantity में ट्रेड करे| जैसे-जैसे आपका Experience इस इंडिकेटर के साथ बढ़ते जाए, आप अपनी Quantity को बढ़ा सकते है|

Bollinger bands इंडिकेटर से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • इस इंडिकेटर की मदद से किसी भी स्टॉक का resistance और support का पता किया जाता है|
  • अगर कोई स्टॉक इस इंडिकेटर के Lower Band को सपोर्ट लेने के बजाये, उसे तोड़कर निचे जाये तो इसका मतलब यह ही कि स्टॉक में तेजी से गिरावट आ सकती है|
  • अगर कोई स्टॉक इस इंडिकेटर के Upper Band को resistance बनाने के बजाय, उसे तोड़कर ऊपर जाए तो इसका अह मतलब है कि स्टॉक में तेजी से खरीदारी हो रही है|

अंतिम शब्द

आज के इस पोस्ट के माध्यम से हमने जाना कि Bollinger bands इंडिकेटर क्या है? (Bollinger Bands Indicator in Hindi) और इसका मदद से ट्रेड कैसे करे| उम्मीद है कि इस पोस्ट में दी गयी जानकारी आपको अवश्य अवश्य पसंद आई होगी| अगर पोस्ट अच्छा लगा तो अपने दोस्तों के साथ इस पोस्ट को अवश्य शेयर करे|

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Suraj Sharma

Suraj Sharma इस ब्लॉग का Founder और Technical लेखक जो टेक से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों को आसान भाषा में भारत के सभी नागरिक तक पहुचाना चाहता है|

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