NSE क्या है? What is NSE in Hindi

NSE क्या है? अगर आप शेयर बाज़ार में निवेश करते है या intraday ट्रेड करते है तो आप NSE के बारे में जरुर सुने होंगे| लेकिन क्या आपको पता है NSE क्या होता है| और NSE और BSE में क्या अंतर होता है|

अधिकतर intraday ट्रेडर निफ्टी या बैंक निफ्टी में ही ट्रेड करते है और निफ्टी और बैंक निफ्टी NSE के अंतर्गत ही आते है| हम ट्रेड तो करते है लेकिन हमे पता नहीं होता की NSE आखिर है क्या और NSE और BSE में कों अच्छा है| तो चलिए इस पोस्ट के माध्यम से आज हमलोग NSE के बारे में विस्तार से चर्चा करते है|

NSE क्या है?

आसान भाषा में NSE को हमलोग financial market भी बोलते है जो भारत का सबसे बड़ा financial market है| भारत में शेयर बाज़ार को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 1992 में NSE का विकास किया गया था| NSE का मुख्यालय मुंबई में ही स्थित है| भारत के दोनों बड़े financial market NSE और BSE दोनों का मुख्यालय मुंबई में ही स्थित है| इसीलिए मुंबई को शेयर बाज़ार का शहर भी कहा जाता है|

NSE का full form

NSE ka full form
NSE ka full form

NSE का फुल फॉर्म होता है नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) वहीँ अगर BSE की full form का बात करे तो इसकाफुल फॉर्म Bombay stock exchange( बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) होता है|

NSE का परिचय

NSE kya hai

ऐसा माना जाता है की वर्ष 1992 ईस्वी में एक security scam हुई थी जिसे हर्षद मेहता scam के नाम से भी जाना जाता है| जिसकी हेर फेर को पकड़ने के बाद NSE को लाया गया जिसका मुख्य उद्देश्य सभी निवेशको को सामान अधिकार देना था|

NSE के आने के साथ-साथ ही भारत में शेयर बाज़ार में इन्वेस्टमेंट पहले की तुलना ज्यादा होने लगी क्युकि लोगों को विस्वास हो गया की अब उसका इन्वेस्टमेंट safe है| और छोटे-छोटे रिटेलर ट्रेडर भी शेयर बाज़ार से पैसा कमाने लगे|

कोई भी कंपनी या व्यक्ति सीखे NSE से जुड़कर ट्रेडिंग नहीं कर सकता इसके लिए SEBI registered ब्रोकर से मिलकर ही NSE के stocks, option या future में ट्रेड किया जा सकता है|

सीधे भाषा में बोला जाये तो NSE के आने के बाद भारत के शेयर बाज़ार में एक क्रांति आई और आम व्यक्ति भी बिना किसी परेशानी के ब्रोकर के जुड़कर ट्रेड और इन्वेस्ट करके पैसा कमाने लगे|

भारत में अभी NSE, BSE के कही गुणा आगे है क्युकि NSE परस्थिथि के अनुसार अपने नियिमो में बदलाव कर शेयर बाज़ार को अच्छी राह में ले जाने में दिन-प्रतिदिन कोशिश करती रहती है|

NSE का market capitalization

इसके मार्किट capitalization की बात करने के पहले बता दूँ इसका गणना अमेरिकी डॉलर में की जाती है| वर्तमान समय में NSE का market value 1.80 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर यानि भारतीय रुपयों में 110 लाख करोड़ से भी ज्यादा है| जो दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहा है, यह आंकरा वर्ष 2018 में लगभग 1.41 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर था जो भारतीय रुपयों में लगभग 90 लाख करोड़ से भी ज्यादा थी| ऐसा गणना किया जा रहा है आगे आगे आने वाले समय में यह आंकरा और तेजी से बढती हुई दिखेगी| क्युकि दिन-प्रतिदिन लोगों का शेयर बाज़ार के प्रति रुझान बढती जा रही है|

NSE में ट्रेड कैसे होती है?

शुरुआत के समय आज के तरह ऑनलाइन ट्रेडिंग नही होती थी| उस समय दस्तावेजो के जरिये ट्रेड किये जाते थे और न ही Option या future ट्रेडिंग नहीं होती थी| उससमय अगर किसी को किसी कंपनी की शेयर खरीदना होता था तो वो ऑफलाइन दस्तावेजो के मध्यम से खरीदते थे, जिसकी प्रोसेस लगभग 3 से 6 महीने का होता था|

लेकिन वर्तमान समय में यह परिक्रिया कुछ सेकंड का ही रह गया गई| ट्रेड करने के लिए एक demet अकाउंट की जरूरत पड़ती है जो आपको अपना stock ब्रोकर ओपन करके देता है| आप अपने ब्रोकर की app या ट्रेडिंग प्लेटफार्म को ओपन करके साथ-ही-साथ stock को साथ-ही-साथ खरीद या बेच सकते है| इसकी परिक्रिया भी बहुत आसान है|

साथ-ही अभी ट्रेड करने के लिए stock ब्रोकर मार्जिन भी देती है| मतलब अगत आपको 1 लाख की ट्रेड intraday में खरीदते है तो आपको शेयर खरीदने के लिए मात्र 10 से 20 हज़ार ही रूपये लगते है| जिससे रिटेल ट्रेडर का शेयर बाज़ार से पैसा कमाना आसान हो गया है| कोई भी व्यक्ति कम से कम पैसे लगाकर शेयर बाज़ार से पैसा कमा सकते है|

SEBI क्या है?

Sebi kya hai
Sebi kya hai

अगर आप शेयर बाज़ार से ताल्लुक रखते है तो आप SEBI के बारे में जरुर सुने होंगे| दरअसल SEBI का full form होता है Securities and Exchange Board of India. यह एक सरकारी संस्था है जिसका काम शेयर बाज़ार में नज़र रखना है| ताकि शेयर बाज़ार में कोई भी हेरा-फेरी न हो|

NSE की शुरुआत एक प्राइवेट कंपनी के तौर हुई थी इसीलिए सरकार ने शेयर बाज़ार में नज़र रखने के लिए SEBI को introduce किया|

लेकिन शुरूआती समय में BSE ने SEBI के नियमो को मानने से इंकार कर दिया लेकिन बाद में BSE कंपनी को भी SEBI से रजिस्टर करना पड़ा|

SEBI के आने के बाद भारत में भी अमेरकी ट्रेड सिस्टम को अपनाया गया और भारत में भी ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू हो गयी जिससे भारत के शेयर बाज़ार का विस्तार होने लगा और बहुत से लोग ट्रेडिंग को अपना full time बिज़नस बनाने में सफल हो पाए|

NSE का उद्देश्य

अगर NSE का उद्देश्य का बात किया जाये तो इसका उद्देश्य ट्रेडिंग को सबके लिए बराबर बनाने का है| कोई भी व्यक्ति थोड़े रूपये के साथ ही शेयर बाज़ार में निवेश कर सके| और साथ-ही भारतीय शेयर बाज़ार का विस्तार जल्द से जल्द हो पाए| विश्व में भारतीय शेयर बाज़ार को एक अच्छे नज़र से देखा जाये इस्न्ही सभी उद्देश्य के साथ NSE को introduce किया गया जो शेयर मार्किट में क्रांति लेन में सफल हो पाया|

NSE का बेंचमार्क

सभी financial market का अपना एक बेचमार्क होता है| जिस प्रकार BSE का बेंचमार्क SENSEX है ठीक उसी प्रकार NSE का बेंचमार्क निफ्टी (NIFTY) है जिसकी शुरुआत वर्ष 1996 में किया गया था| इसमें 50 सबसे अच्छी कंपनी को जगह मिली इसीलिए इसे निफ्टी 50 भी कहा जाता है|

और अभी निफ्टी में option और future में intraday ट्रेड करके प्रतिदिन अच्छा पैसा कमा सकते है| बैंक निफ्टी में NSE के अधीन ही आते है जिसमे 12 सबसे अच्छे बैंकों को स्थान मिला है| इसमें भी आप्शन और future में ट्रेड करके अच्छा पैसा कमा सकते है|

NSE और BSE में अंतर

BSE, NSEकी तरह की एक financial market है जिसकी लोकप्रियता NSE है कम है| क्युकि BSE में बहुत से ट्रेडर ट्रेड करना पसंद नहीं करते है क्युकि यह NSE में ट्रेड करने जितना आसान नहीं है|

NSE का ग्लोबल रैंक में स्थान 11 है जो यह दर्शाता है की कितनी जल्दी भारतीय शेयर बाज़ार का विकाश हो रहा है और इसमें सबसे ज्यादा योगदान NSE का ही है|

NSE में ट्रेड बिना किसी पेपर वर्क के संभव है वही अभी BSE में भी बिना पेपर वर्क के ट्रेड संभव है लेकिन NSE के जितना सरल नहीं है|

मेरी राय में NSE के साथ ट्रेड करना BSE की तुलना आसान और अच्छा भी है|

अंतिम शब्द

आज के इस पोस्ट के माध्यम में हमलोगों ने जाना की NSE क्या है? NSE में कैसे ट्रेड किया जाता है| उम्मीद है की इस पोस्ट को पढने के बाद आपको NSE के बारे में अच्छे से जान गए होंगे| अगर अब भी आपके मन में NSE से जुड़े कोई सवाल है तो हमे कमेंट करके पूछना न भूले|

अगर आपको पोस्ट अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करे|

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Suraj Sharma

Suraj Sharma इस ब्लॉग का Founder और Technical लेखक जो टेक से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों को आसान भाषा में भारत के सभी नागरिक तक पहुचाना चाहता है|

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