[PDF] श्री विश्वकर्मा व्रत कथा | Vishwkarma Vrat Katha PDF in Hindi

Vishwkarma Vrat Katha PDF in Hindi: आज के इस पोस्ट में हम आपके साथ श्री विश्वकर्मा व्रत कथा की pdf शेयर करेंगे जिसे आप इस पोस्ट के निचे दिए गए डाउनलोड लिंक से आसानी से डाउनलोड कर सकते है|

भारत में विश्वकर्मा भगवान् की पूजा लगभग सभी राज्यों में होती है| खासकर व्यापारी वर्ग के सभी लोग विश्वकर्मा पूजा करते ही है क्युकि विश्व्कारना पूजा के करने से उनके वव्यापार में वृद्धि होती है और पूजा का लाभ प्राप्त होता है| अगर आप एक विद्यार्थी है तो सरस्वती व्रत कथा आपके लिए बहुत ही फल दायक होता है|

विश्वकर्मा पूजा प्रत्येक वर्ष अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है| यह प्राय 17 सितम्बर को ही आता है इस दिन सभी कारखानों तथा लोहे से बने औजार से काम करने वाले व्यवसाय बन किये जाते है| साथ-ही इसमें काम करने वाले मजदूर को भी इस दिन काम करने नहीं दिया जाता है| और सब मिलजुलकर अच्छे से साफ़ सफाई करते है और विश्वकर्मा पूजा को धूम धाम से मनाते है|

श्री विश्वकर्मा व्रत कथा | Vishwkarma Vrat Katha PDF

विश्वकर्मा पूजा को हिन्दू धर्मं के उन पूजाओं में शामिल किया गया है जिसे लग्भाग्पुरे देश में हर्सोल्हास से मनाया जाता है| यह पूजा लगभग प्रत्येक वर्ष 17 सितम्बर को मनाया जाता है| लेकिन लीप वस्ढ़ होने पर यह पूजा 18 सितम्बर को मनाया जाता है| यानि प्रत्येक 4 साल बाद विश्वकर्मा पूजा 17 सितम्बर के बजे 18 सितम्बर को मनाया जाता है|

हिंदी साहित्यों के अनुसार प्राचीन काल में जित्मे भी भव्य मंदिर तथा राजाओ के भवन हुआ करते थे उसे विश्वकर्मा देव ने ही बनाया है| यहाँ तक की सतयुग का स्वर्ग लोक, त्रेतायुग की लंका, द्वापर की द्वारिका और कलियुग का हस्तिनापुर के निर्माण करता भी विश्वकर्मा देव को ही कहा गया है| साथ-ही सुदामा के रहने के स्थान सुदामापुरी का भी श्री कृष्ण के आदेश पर विश्वकर्मा ने ही निर्माण किया था| इसीलिए आपको विश्वकर्मा देव की पूजा जरुर करनी चाहिए क्युकि ऐसा करने से आपके घर में धन-धान्य की कमी कभी महसूस नहीं होगी|

श्री विश्वकर्मा पूजा विधि ( Vishwkarma Vrat Katha PDF)

अगर आप भी विश्वकर्मा पूजा करने के इच्छुक है तो आप निचे दिए गए नियमो का पालन करके सही तरीके से विश्वकर्मा पूजा कर सकते है|

  • सबसे पहले विश्वकर्मा पूजा से पहले आप उस स्थान की साफ़-सफाई अच्छे से कर ले जहा आप पूजा करना चाहते है|
  • उसके बाद उस स्थान पर एक पीले रंग का कपड़ा बिछाये और उसमे लाल कुमकुम से स्वास्तिक का चिन्ह बनाये|
  • इसके बाद स्वास्तिक पर चावल और फुल अर्पित करते और भगवान् विश्वकर्मा का मूर्ति अथवा फोटो लगाये|
  • तत्पश्चात एक दीपक जलाये और भगवन विश्वकर्मा के मस्तक पर तिलक जरुर लगाये|
  • उसके बाद भगवन के सामने प्रसाद की सामग्री रख दे और 108 बाद विश्वकर्मा पूजा के मंत्र का जाप करे|

श्री विश्वकर्मा पूजा के मंत्र

विश्वकर्मा पूजा के लिए किये जाने वाले मंत्र का प्रयोग को निचे बताया गया है|

  • ओम आधार शक्तपे नम:, ओम कूमयि नम:, ओम अनन्तम नम:, पृथिव्यै नम:।

Vishwkarma Vrat Katha PDF in Hindi

निचे दिए गए डाउनलोड बटन का अनुसार करके आप विश्वकर्मा पूजा कथा pdf को आसानी से डाउनलोड कर सकते है|

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निष्कर्ष

आज के इस पोस्ट में हमने श्री विश्वकर्मा व्रत कथा (Vishwkarma Vrat Katha PDF in Hindi) शेयर किया उम्मीद है कि इस पोस्ट के माध्यम से आप विश्वकर्मा पूजा विधि को समझ चुके होंगे और श्री विश्वकर्मा वपूजा कथा पीडीऍफ़ को अपने फोन या कंप्यूटर में डाउनलोड कर चुके होंगे| अगर डाउनलोड करने के दौरान कोई भी समस्या उत्पन्न हो रही हो तो हमे कमेंट करके जरुर बताये| साथ ही पोस्ट पसंद आया तो अपने दोस्तों तथा परिवार के सदस्यों के साथ शेयर जरुर करे| आगे इसी तरह के पोस्ट के लिए हमारे इस ब्लॉग के साथ बने रहे| धन्यवाद्!

Suraj Sharma

Suraj Sharma इस ब्लॉग का Founder और Technical लेखक जो टेक से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों को आसान भाषा में भारत के सभी नागरिक तक पहुचाना चाहता है|

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